Saturday, October 25, 2008

जीवन व्रित


कार्य अभिरुचि एवं व्यक्तिगत सूचना
शिक्षा साहित्य एवं संस्कृति के क्षेत्र में कार्य करते हुए भारत की गरिमामय सांस्कृतिक विरासत के उन्नयन, प्रसारण एवं संरक्षण के प्रति समाज में जागरण उत्पन्न करना तथा अपने ज्ञान, गुण एवं कार्य कौशल में उघरोघर विकास करते हुए समाज तथा राष्टघ् के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वाह करना ।
कार्य अनुभव
सतरह वर्षो से प्राघ्यापक के रूप में कार्यरत
` स्म्प्रति ए० एन० कॉलेज, पटना, (मगध विश्वविद्यालय) के हिन्दी विभाग में प्राध्यापक के रूप में कार्यरत।
` महाविद्यालय स्मारिका के प्रभारी।
` विगत चौदह वर्षो तक प्राध्यापक, हिन्दी विभाग, बी० एस० कॉलेज , (मगधविश्व विद्यालय) दानापुर, पटना में कार्यरत।
` महाविद्यालय के सांस्कृतिक परिषद् के अघ्यक्ष के रूप में कार्य करते हुए महाविद्यालय एवं वि.वि. के विभिन्न साहित्यिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों से संबद्ध, एवं मंच संचालन ।` महाविद्यालय के 'राष्टघीय मुल्यन्कन एवं प्रत्यायन परिषद` के सचिव के रूप में कार्यरत।`
उनरपुस्तिका मूल्यांकन केन्द्र (बी.एस. कॉलेज) में संयोजक के रूप में कार्य।`
महाविद्यालय पत्रिका 'प्रेरणा` के प्रधान संपादक के रूप मंे कार्य।
` एक वर्ष दस माह (सात मार्च १९९० से ३१ जनवरी १९९२ तक) एम.डी. कॉलेज नौबतपुर, (मगध वि.वि.) में प्राघ्यापक हिन्दी विभाग के रूप में कार्यरत।

पत्रकारिता
` एक वर्ष पत्रकारिता के क्षेत्र में प्रसिद्ध हिन्दी दैनिक समाचार पत्र 'पाटलिपुत्र टाईम्स` में सम्पादकीय सहयोग। ` एक वर्ष मुख्य प्रबंधक ( प्रकाशन तथा प्रसार) के रूप में कार्य ।` 'श्राष्टघीय प्रसंग` मासिक पत्रिका के स्तंम्भकार` 'अनुपम उपहार` मासिक पत्रिका के सलाहकार सम्पादक शिक्षा : ` स्नात्कोघर हिन्दी विभाग, पटना वि० वि० से प्रथम श्रेणी में एम० ए०।`
ललित नारायण आर्थिक एवं सामाजिक परिवर्तन संस्थान, पटना (मगध विश्वविद्यालय) से प्रथम श्रेणी में एम० बी० ए० ।
शोध कार्य ` ''साहित्यकारों के जीवन पर आधृत हिन्दी उपन्यासों में जीवनी के तत्व और औपन्यासिक कल्पना`` विषयक शोध कार्य पर पटना विश्वविद्यालय से पी-एच० डी०
वर्तमान शोध कार्य
` स्वातंत्र्योघरहिन्दी उपन्यास-अवधारणा और सृजन प्रघ्यिा ``विषय पर राघ्ची विश्व विद्यालय से डी० लिट० की उपाधि हेतु शोध कार्य में रत ।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा आयोजित कार्यघ्मों में भाग
` एकेडमिक स्टाफ कॉलेज, जामिया मीलिया इस्लामिया केन्द्रीय विश्वविद्यालय, नई दिल्ली द्वारा आयोजित च्मंबम - ब्वदसिपबज तमेवसनजपवद विषय पर २१ दिवसीय पुनश्चर्या कार्यघ्म में भाग एवं ग्रेड 'ए` (।द्ध प्रमाण पत्र प्राप्त।
` एकेडमिक स्टाफ कॉलेज, राघ्ची विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित तथा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा संपोषित ३१वाघ् उन्मुखीकरण कार्यघ्म (वतपमदजंजपवद च्तवहतंउउम) में ग्रेड -ए, के साथ भाग। दिनांक ८ जुलाई २००३ से ४ अगस्त २००३.
` एकेडमिक स्टाफ कॉलेज, पटना विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित, तथा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा संपोषित कबीर की खोज विषयक पुनश्चर्या कार्यघ्म (त्मतिमेीमत ब्वनतेम) में भाग। ३० मार्च २००१ से १९ अप्रैल २००१.
` एकेडमिक स्टाफ कॉलेज, पटना विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित पुनश्चर्या कार्यघ्म (त्मतिमेीमत ब्वनतेम) में सफलता पूर्वक भाग। २९ अप्रैल १९९८ मई ९८ .
आलेख प्रस्तुत
` भारतीय भाषा संस्थान, मैसूर एवं मैथिली अकादमी, बिहार द्वारा आयोजित राष्टघीय परिसंवाद में 'चंदाझा की हिन्दी रचना` विषय पर आलेख पाठ।
` जामिया मीलिया ईस्लामिया, केन्द्रीय विश्वविद्यालय, दिल्ली में आयोजित परिसंवाद में 'शान्ति स्थापना और विवाद शमन मेें साहित्य की भूमिका` विषय पर आलेख प्रस्तुत। सितंबर ०७।` भारतीय भाषा संस्थान, मैसूर एवं प्रसिद्ध सांस्कृतिक संस्था चेतना समिति, पटना के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक २३ नवम्बर ०७ को 'समकालीन हिन्दी कविक बीच (भारतेन्दु युग) कविश्वर चंदा झा क हिन्दी रचना` विषय पर आयोजित राष्टघीय परिसंवाद में आलेख पाठ। ` मैथिली अकादमी, बिहार सरकार द्वारा दिनांक १९ मार्च ०७ को आयोजित परिसंवाद में 'मिथिला में पुनर्जागरण` विषय पर मुख्य वक्ता के रूप में आलेख प्रस्तुत।` 'आजादी के बाद वैचारिक घंति के नए आयाम` विषय पर दिनांक १५-१६ नवम्बर ०४ को राजेन्द्र भवन, दिल्ली में राष्टघीय विचार मंच द्वारा आयोजित दो दिवसीय परिसंवाद में आलेख प्रस्तुत।
कार्य क्षेत्र
शिक्षा, पत्रकारिता, संस्कृतिकर्म, साहित्य एवं समाज सेवा । ` विगत दो दशकों से साहित्य तथा पत्रकारिता के क्षेत्र में विपुल लेखन। साहित्य की विभिन्न विधाओं यथा कविता, कहानी, लघुकथा , समीक्षा , निबंध आदि देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित एवंं आकाशवाणी तथा दूरदर्शन से प्रसारित।
प्रकाशित पुस्तकें
` हिन्दी उपन्यास में साहित्यकारों का चरित्र विधान।` हिन्दी उपन्यास में संस्कृत रचनाकारों का जीवन-वृघ।` 'जीवन छन्द` कविता संग्रह ।
प्रकाशनाधीन पुस्तकें
` आवारा मसीहा की औपन्यासिकता।` 'लालिमा` कविता संग्रह।` मोक्ष कथा संग्रह

अनुदित पुस्तक मेरे समकालीन बिहार की विभूतियाघ्।(डा० सच्चिदानन्द सिन्हा द्वारा लिखित भैवउम का अनुवाद ।
सम्मान`
नईधारा विशिष्ट रचनाकार सम्मान से सम्मानित।` साहित्यकार सांसद, द्वारा आचार्य रामचन्द्र शुक्ल सम्मान ।
प्रमाण पत्र गीता रामायण समिति,गीता भवन(उ०प्र०) द्वारा रामायण प्रमाणपत्र ।
साहित्यिक सांस्कृतिक (क) अनेक साहित्यिक सांस्कृतिक संस्थाओं से सम्बद्ध रहकर साहित्यिक तथा संस्कृतिकर्म में सघ्यि योगदान।
` भारत के राष्टघ्पति द्वारा उद्घाटित प्रथम बिहार राज्य अन्तर विश्वविद्यालय सांस्कृतिक महोत्सव 'तरंग` -२००८ के कोर कमिटी के सदस्य।` सदस्य, कार्यकारिणी समिति, बिहार राज्य बाल कल्याण परिषद्,राजभवन, पटना।` आजीवन सदस्य, बिहार हिन्दी साहिन्य सम्मेलन, पटना।` सदस्य कार्यकारिणी समिति, राष्टघीय मानवाधिकार संरक्षण प्रतिष्ठान।` सांस्कृतिक सचिव, पटना पुस्तक मेला।` पूर्व संयुक्त सचिव एवं सदस्य कार्यकारिणी समिति, चेतना समिति, पटना।` उपाध्यक्ष : समय संवाद (साहित्यिक संस्था) (ख) सरकारी /गैर सरकारी संगोष्ठियों, परिसंवादों एवं सम्मेलनों का आयोजन एवं संचालन।
''अभ्युदय`` ई-११२, श्रीकृष्णपुरी पटना- ८०० ००१

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